षट्कोण 14 – दा योउ (大有) | महान संपत्ति
निर्णय (समग्र अर्थ)
दा योउ महान समृद्धि, सफलता और प्रभाव का प्रतीक है। यह ऐसा समय है जब धन, ज्ञान, प्रतिभा या अवसर प्रचुर मात्रा में हो सकते हैं। लेकिन सच्ची महानता केवल पाने में नहीं, बल्कि जो मिला है उसका विवेकपूर्ण, उदार और जिम्मेदार उपयोग करने में है। बुद्धिमान व्यक्ति विनम्र रहता है, अपनी सफलता साझा करता है और यह सुनिश्चित करता है कि उसकी समृद्धि दूसरों के हित में भी हो।
छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)
आकाश के ऊपर तेज़ी से जलती अग्नि प्रकाश, शक्ति और स्पष्टता का प्रतीक है। जैसे सूर्य सब पर समान रूप से प्रकाश डालता है, वैसे ही जिनके पास अधिक शक्ति या संसाधन हों, उन्हें उनका उपयोग व्य ापक कल्याण के लिए करना चाहिए।
रेखा-दर-रेखा व्याख्या
(प्रत्येक परिवर्तित रेखा समृद्धि और उससे जुड़ी जिम्मेदारियों को स्पष्ट करती है)
- समृद्धि का आधार सद्गुण है – सत्यनिष्ठा पर बनी सफलता सबसे मज़बूत होती है।
- उदारता और अधिक आशीर्वाद लाती है – विवेक से साझा करें, समृद्धि बढ़ेगी।
- अहंकार से सावधान – अधिक होने से घमंड आ सकता है; विनम्र बने रहें।
- सच्चा धन आंतरिक शक्ति है – बाहरी संपत्ति क्षणभंगुर है, बुद्धि और सद्गुण टिकते हैं।
- महान सफलता साझा करने योग्य होती है – जो नेता दूसरों को उठाता है, वही स्थायी प्रभाव छोड़ता है।
- समृद्धि से चिपके न रहें – सब कुछ बदलता है; आसक्ति के बिना आनंद लें।
षट्कोण 14 के मुख्य विषय
- महान सफलता और प्रभाव – यह समृद्धि और शक्ति का समय है।
- जिम्मेदारी और उदारता – सच्चा धन संग्रह नहीं, सही उपयोग है।
- अहंकार का खतरा – विनम्रता न रही तो सफलता पतन में बदल सकती है।
यदि आपको षट्कोण 14 प्राप्त होता है, तो अपने सौभाग्य को पहचानें और सराहें। चाहे वह धन हो, ज्ञान हो या अवसर—उसे समझदारी से उपयोग करें, उदारता से बाँटें और विनम्र बने रहें, ताकि सफलता टिकाऊ रहे।
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