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निर्णय (समग्र अर्थ)

षट्कोण 18 – गु (蠱) | सड़न पर कार्य (क्षय और नवनीकरण)

निर्णय (समग्र अर्थ)

गु भ्रष्टता, जड़ता या क्षय का संकेत देता है—आपके जीवन में कुछ ऐसा है जो बिगड़ चुका है और सुधार की माँग करता है। यह टूटी हुई व्यवस्था हो सकती है, अस्वस्थ आदत या अनसुलझा मुद्दा। यह टालने का नहीं, सीधे सामना करने का समय है। बुद्धिमान व्यक्ति सड़ चुके तत्वों को हटाता है और जागरूक प्रयास से संतुलन बहाल करता है।

छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)

पर्वत की जड़ में बहती हवा समय के साथ क्षरण पैदा करती है। यह उन समस्याओं का प्रतीक है जिन्हें लंबे समय तक अनदेखा किया गया। लेकिन जैसे सड़न हटाई जा सकती है, वैसे ही केंद्रित प्रयास से नवजीवन संभव है।

रेखा-दर-रेखा व्याख्या

(प्रत्येक परिवर्तित रेखा क्षय से निपटने और पुनर्निर्माण का मार्ग दिखाती है)

  1. समस्या को पहचानें – कार्य से पहले यह स्पष्ट करें कि क्या बिगड़ा है।
  2. विरासत में मिली समस्याएँ धैर्य माँगती हैं – अतीत से आई बातें भी सुधार चाहती हैं।
  3. दोषारोपण से बचें – उँगली उठाने के बजाय समाधान पर ध्यान दें।
  4. सुधार से विकास होता है – ज़िम्मेदारी लेने से प्रगति मिलती है।
  5. सच्चा नेता भ्रष्टता को साफ़ करता है – विवेकपूर्ण नेतृत्व व्यवस्था बहाल करता है।
  6. पूर्ण परिवर्तन संभव है – निरंतर प्रयास से स्थिति पूरी तरह बदली जा सकती है।

षट्कोण 18 के मुख्य विषय

  • समस्याओं का सामना और सुधार – क्षय को अनदेखा न करें।
  • पुराने पैटर्न तोड़ना – अतीत की गलतियाँ सुधारी जा सकती हैं।
  • नवनीकरण और विकास – सड़न हटाने से नए आरंभ का मार्ग खुलता है।

यदि आपको षट्कोण 18 प्राप्त होता है, तो जीवन आपको किसी उपेक्षित समस्या को ठीक करने के लिए पुकार रहा है। अतीत को साफ़ करें, घाव भरें और संतुलन लौटाएँ—कर्म करें, नवजीवन आएगा।

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