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निर्णय (समग्र अर्थ)

षट्कोण 26 – दा छू (大畜) | महान का संयम

निर्णय (समग्र अर्थ)

दा छू नियंत्रित लेकिन बढ़ती हुई शक्ति का प्रतीक है। यह तुरंत कार्रवाई का नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और तैयारी का समय है। जैसे बड़ी शक्ति को छोड़ने से पहले रोका जाता है, वैसे ही सामर्थ्य को विवेक से विकसित करना चाहिए। बुद्धिमान व्यक्ति ज्ञान संचित करता है, आंतरिक बल बढ़ाता है और सही क्षण की प्रतीक्षा करता है।

छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)

आकाश के ऊपर स्थित पर्वत संयम में छिपी अपार क्षमता का संकेत है। जैसे बाँध जल को रोककर सही समय पर छोड़ता है, वैसे ही यह षट्कोण आत्मसंयम और तैयारी का मूल्य सिखाता है।

रेखा-दर-रेखा व्याख्या

(प्रत्येक परिवर्तित रेखा नियंत्रित शक्ति और तैयारी के पहलू दिखाती है)

  1. अभी संयम रखें – शक्ति विकसित हो रही है; धैर्य रखें।
  2. ज्ञान और अनुभव संचित करें – सीखने का समय है, जल्दबाज़ी का नहीं।
  3. अनुशासन सफलता लाता है – नियंत्रण बिना शक्ति लापरवाह बन जाती है।
  4. संयम को समझदारी से अपनाएँ – प्रतीक्षा निष्क्रियता नहीं, तैयारी है।
  5. संचित शक्ति प्रभाव लाती है – सही समय पर प्रयास फल देंगे।
  6. मुक्ति का समय सही होना चाहिए – बहुत जल्दी या देर से छोड़ना हानि लाता है।

षट्कोण 26 के मुख्य विषय

  • संयम से शक्ति
  • धैर्य और तैयारी
  • कब कर्म करना है, यह जानना

यदि आपको षट्कोण 26 प्राप्त होता है, तो पहले शक्ति गढ़ें। अनुशासन, अध्ययन और तैयारी पर ध्यान दें—सही क्षण आने पर आप पूरी क्षमता से आगे बढ़ेंगे।

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