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निर्णय (समग्र अर्थ)

षट्कोण 30 – ली (離) | आसक्ति / प्रकाश (अग्नि)

निर्णय (समग्र अर्थ)

ली स्पष्टता, प्रकाश और अंतर्दृष्टि की शक्ति का प्रतीक है। अग्नि की तरह यह उजाला फैलाता है, सत्य को प्रकट करता है और मार्ग दिखाता है। लेकिन अग्नि को जलने के लिए किसी आधार की आवश्यकता होती है—यह संबंध, एकाग्रता और उद्देश्य का संकेत है। बुद्धिमान व्यक्ति अपने भीतर के प्रकाश को पोषित करता है, ज्ञान और समझ की खोज करता है, और यथार्थ से जुड़ा रहता है।

छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)

अग्नि ईंधन पर निर्भर करती है—ठीक वैसे ही जैसे ज्ञान और दृष्टि को अनुशासन और उद्देश्य का सहारा चाहिए। केवल अंतर्दृष्टि पर्याप्त नहीं; उसे विवेक के साथ लागू करना ही स्थायी सफलता लाता है।

रेखा-दर-रेखा व्याख्या

(प्रत्येक परिवर्तित रेखा स्पष्टता, आसक्ति और मार्गदर्शन के अलग पहलू दिखाती है)

  1. स्थिर ईंधन खोजें – अपनी ऊर्जा को बहुत जल्दी जलने न दें।
  2. अपने आंतरिक प्रकाश के प्रति सच्चे रहें – स्पष्टता भीतर से आती है, बाहरी विकर्षणों से नहीं।
  3. मृगतृष्णा से सावधान – हर चमकती चीज़ सत्य नहीं होती।
  4. जो आपको पोषित करता है, उससे जुड़ें – अर्थपूर्ण संबंध और उद्देश्य से ही सफलता मिलती है।
  5. बुद्धि और ऊष्मा फैलाएँ – जैसे अग्नि प्रकाश देती है, वैसे ही ज्ञान बाँटें।
  6. अपनी ही अग्नि में न जलें – संतुलन बिना जुनून थकावट लाता है।

षट्कोण 30 के मुख्य विषय

  • स्पष्टता और प्रकाश
  • संबंध और आधार की आवश्यकता
  • संतुलन और एकाग्रता

यदि आपको षट्कोण 30 प्राप्त होता है, तो अपने भीतर के प्रकाश को अपनाएँ—पर उसे किसी टिकाऊ आधार से जोड़ें। बिना ईंधन अग्नि बुझ जाती है।

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