षट्कोण 11 – ताई (泰) | शांति
निर्णय (समग्र अर्थ)
ताई सामंजस्य, समृद्धि और ऊर्जा के सहज प्रवाह का प्रतीक है। आकाश और पृथ्वी पूर्ण संतुलन में हैं, जिससे स्थिरता, विकास और सफलता संभव होती है। यह बड़े अवसरों का समय है—रिश्ते फलते हैं, कार्य आगे बढ़ते हैं और बाधाएँ घटती हैं। बुद्धिमान व्यक्ति संतुलन और कृतज्ञता बनाए रखते हुए आत्मविश्वास से आगे बढ़ता है।
छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)
आकाश ऊपर उठता है और पृथ्वी नीचे उतरती है—यह प्राकृतिक क्रम में सामंजस्य को दर्शाता है। यह ऐसा काल है जहाँ सब कुछ सहज रूप से आगे बढ़ता है। जैसे सर्दी के बाद वसंत आता है, वैसे ही संघर्ष के बाद शांति आती है—इस समृद्धि के समय को समझदारी से अपनाएँ।
रेखा-दर-रेखा व्याख्या
(प्रत्येक परिवर्तित रेखा सामंजस्य और उसकी चुनौतियों को दर्शाती है)
- शुभ आरंभ – आधार मजबूत है; सावधानी बनाए रखें।
- अवसर बढ़ते हैं – प्रगति सहज है; धरातल से जुड़े रहें।
- आत्मसंतोष से सावधान – अच्छे समय में भी भविष्य की तैयारी रखें।
- सामंजस्य नेतृत्व को सशक्त बनाता है – न्यायपूर्ण और बुद्धिमान दृष्टि सबको लाभ देती है।
- समृद्धि का शिखर – यह बड़े सौभाग्य का समय है; इसे समझदारी से साझा करें।
- अति के बाद पतन – संतुलन न रखा जाए तो सामंजस्य टूट जाता है।
षट्कोण 11 के मुख्य विषय
- संतुलन और प्रवाह – सब कुछ संरेखित है; शांति बनाए रखें।
- अवसर और विकास – आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का समय है।
- आत्मसंतोष से बचें – समृद्धि में भी सजग रहें।
यदि आपको षट्कोण 11 प्राप्त होता है, तो अपने चारों ओर के सौभाग्य को स्वीकार करें। इस समय का उपयोग भविष्य के लिए मजबूत आधार बनाने में करें, ताकि शांति और समृद्धि बनी रहे।
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