षट्कोण 12 – पी (否) | अवरोध / जड़ता
निर्णय (समग्र अर्थ)
पी अवरोध, जड़ता और विच्छेदन का प्रतीक है। षट्कोण 11 (ताई) के विपरीत, जहाँ आकाश और पृथ्वी सामंजस्य में बहते हैं, यहाँ वे अलग हो जाते हैं, जिससे बाधा और असंतुलन उत्पन्न होता है। प्रगति कठिन लगती है और प्रयास रुके हुए महसूस होते हैं। बुद्धिमान व्यक्ति परिवर्तन को ज़बरदस्ती नहीं करता, बल्कि धैर्य रखता है, ऊर्जा को संचित करता है और सही समय की प्रतीक्षा करता है।
छवि (प्रतीकात्मक अर्थ)
आकाश ऊपर उठता है और पृथ्वी नीचे गिरती है—दोनों में कोई संपर्क नहीं रहता। यह अलगाव का समय दर्शाता है, जहाँ समझ, संवाद और गति बाधित होती है। जैसे शरद के बाद सर्दी आती है, वैसे ही कठिन काल जीवन क े चक्र का हिस्सा है।
रेखा-दर-रेखा व्याख्या
(प्रत्येक परिवर्तित रेखा जड़ता के विभिन्न चरण और उनसे निपटने का मार्ग दिखाती है)
- बाधाएँ उत्पन्न होती हैं – मार्ग अवरुद्ध है; ज़ोर लगाने से लाभ नहीं होगा।
- अलगाव बढ़ता है – सहयोग की कमी हो सकती है; आंतरिक शक्ति बनाए रखें।
- विरोध से हताशा आती है – कुछ बातें आपके नियंत्रण में नहीं हैं, इसे स्वीकार करें।
- परिवर्तन की शुरुआत – सबसे बुरा समय बीत रहा है, फिर भी धैर्य आवश्यक है।
- छोटे सुधार दिखाई देते हैं – धीरे-धीरे आशा लौटती है।
- अवरोध समाप्त हो रहा है – चक्र पूरा हो रहा है; नए अवसर आएँगे।
षट्कोण 12 के मुख्य विषय
- जड़ता और अवरोध – यह ऐसा समय है जब चीज़ें अटकी हुई लगती हैं।
- धैर्य और सहनशीलता – जल्दबाज़ी संघर्ष को बढ़ाएगी।
- जीवन के चक्र – जैसे सर्दी के बाद वसंत आता है, यह चरण भी बीत जाएगा।
यदि आपको षट्कोण 12 प्राप्त होता है, तो निराश न हों। कठिन समय स्थायी नहीं होता। विरोध करने के बजाय, इस अवधि का उपयोग आत्ममंथन, योजना और सही क्षण की प्रतीक्षा में करें।
Want all 64 hexagrams in your pocket?
आई चिंग की ज्ञान को जारी रखने के लिए कभी भी अन्वेषण करें - ऐप यहाँ डाउनलोड करें: